Haryana Dr Ambedkar Scholarship 2026 - Rs 4000 to Rs 12000 yearly scholarship for SC BC students of Haryana, marks criteria, income limit 4 lakh, apply online at saralharyana.gov.in
Haryana Dr Ambedkar Scholarship 2026 | ₹12,000 Tak Chhatravriti | Apply Online

Haryana Dr Ambedkar Scholarship 2026: ₹12,000 Tak Chhatravriti | Apply Online, Eligibility

हरियाणा डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कॉलरशिप 2026: 12,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति — पात्रता, अंक शर्त और आवेदन की पूरी जानकारी

गांव के एक लड़के की कहानी से शुरू करते हैं। नाम मान लो संदीप। 10वीं में 72 प्रतिशत अंक लाया। पिता खेतों में मज़दूरी करते हैं, मां घर संभालती है। 11वीं में दाखिले का समय आया तो घर में खुशी से ज़्यादा चिंता थी — फीस कहां से आएगी, किताबें कैसे आएंगी। संदीप के पिता ने कहा, “बेटा, अंक तो अच्छे लाया है, पर पढ़ाई का खर्च…” — बात अधूरी रह गई।

हरियाणा के हज़ारों घरों में यही कहानी दोहराई जाती है। अंक अच्छे हैं, मेहनत में कोई कमी नहीं, लेकिन जेब खाली है। ऐसी ही स्थिति से जूझ रहे छात्रों के लिए हरियाणा सरकार की डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना बनी है। 2026 में यह योजना पूरी तरह चालू है और पात्र छात्रों को साल में 4,000 से 12,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति सीधे बैंक खाते में मिलती है।

इस लेख में आपको हर बात साफ-साफ मिलेगी — ये योजना असल में है क्या, कितने अंक चाहिए, कितने पैसे मिलेंगे, और आवेदन कहां और कैसे होगा।

ये योजना है क्या — एक लाइन में समझो

डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना हरियाणा के अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना है। इसका मकसद सीधा है — जो छात्र पढ़ाई में अच्छे अंक लाते हैं, लेकिन घर की आर्थिक हालत कमज़ोर है, उनकी आगे की पढ़ाई न रुके।

इस योजना की खास बात ये है कि ये मेधा और ज़रूरत, दोनों पर आधारित है। सिर्फ गरीब होना काफी नहीं, अच्छे अंक भी चाहिए। और सिर्फ अंक लाना काफी नहीं, परिवार की आय तय सीमा के अंदर होनी चाहिए। दोनों शर्तें पूरी हों, तभी पैसा मिलता है।

योजना 9वीं कक्षा से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन तक के छात्रों के लिए है। राशि हर साल सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है — बीच में कोई दफ्तर, कोई बिचौलिया नहीं।

सबसे बड़ा कन्फ्यूज़न — दो स्कॉलरशिप, दो पोर्टल

गूगल पर “अंबेडकर स्कॉलरशिप हरियाणा” खोजने वाले सबसे ज़्यादा यहीं गलती करते हैं। हरियाणा में SC/BC छात्रों के लिए दो अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाएं चलती हैं, और दोनों के आवेदन अलग-अलग पोर्टल पर होते हैं।

पहली — पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप: ये फीस और पढ़ाई के खर्च की भरपाई वाली योजना है। इसका आवेदन हर-छात्रवृत्ति पोर्टल पर होता है।

दूसरी — डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधित योजना: ये अंकों के आधार पर मिलने वाली नकद छात्रवृत्ति है। इसका आवेदन सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर होता है।

दोनों में फर्क समझ लो। पोस्ट-मैट्रिक में फीस माफ या वापस मिलती है, जबकि अंबेडकर मेधावी योजना में आपके अंकों के हिसाब से सालाना रकम सीधे खाते में आती है। बहुत से छात्र अंबेडकर योजना का फॉर्म हर-छात्रवृत्ति पोर्टल पर भर देते हैं — और फिर महीनों इंतज़ार करते रह जाते हैं। अगर आपको मेधावी छात्र योजना का पैसा चाहिए, तो रास्ता सिर्फ सरल पोर्टल है।

एक और भ्रम — केंद्र सरकार की “डॉ. अंबेडकर प्री-मैट्रिक/पोस्ट-मैट्रिक” योजनाओं के नाम भी मिलते-जुलते हैं। वो अलग हैं। इस लेख में बात सिर्फ हरियाणा सरकार की राज्य योजना की हो रही है।

कितनी राशि मिलेगी — पढ़ाई के स्तर के हिसाब से

छात्रवृत्ति की रकम इस बात पर तय होती है कि आप किस कक्षा या कोर्स में पढ़ रहे हैं।

पढ़ाई का स्तरसालाना छात्रवृत्ति
9वीं कक्षा4,000 रुपये
11वीं / डिप्लोमा प्रथम वर्ष8,000 रुपये
स्नातक (कला/वाणिज्य/विज्ञान)8,000 रुपये
वाणिज्य/विज्ञान/डिप्लोमा9,000 रुपये
इंजीनियरिंग/तकनीकी पाठ्यक्रम9,000 से 10,000 रुपये
मेडिकल और संबद्ध पाठ्यक्रम10,000 से 11,000 रुपये
पोस्ट-ग्रेजुएशन9,000 से 12,000 रुपये

सबसे ज़्यादा रकम — 12,000 रुपये सालाना — प्रोफेशनल पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स करने वाले छात्रों को मिलती है। यानी 10वीं के बाद जितनी ऊंची पढ़ाई, उतनी बड़ी मदद। सरकार का संदेश साफ है — रुकना मत, आगे बढ़ते रहो।

एक बात ध्यान रखो — ये रकम कोर्स और वर्ग के हिसाब से थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है। आवेदन से पहले सरल पोर्टल पर अपनी श्रेणी के हिसाब से ताज़ा राशि ज़रूर देख लें।

अंक की शर्त — शहर और गांव में अलग-अलग

यही इस योजना का सबसे अहम हिस्सा है। अंक की शर्त आपके वर्ग और आपके इलाके (शहरी या ग्रामीण) के हिसाब से बदलती है।

वर्ग10वीं में अंक12वीं में अंकस्नातक में अंक
SC (शहरी)70%75%65%
SC (ग्रामीण)60%70%60%
BC-A (शहरी)70%
BC-A (ग्रामीण)60%
BC-B (शहरी)80%
BC-B (ग्रामीण)75%

इसे एक उदाहरण से समझो। अगर आप SC वर्ग के हो और गांव में रहते हो, तो 10वीं में 60 प्रतिशत अंक ही काफी हैं। लेकिन वही छात्र अगर शहर में रहता है, तो उसे 70 प्रतिशत चाहिए। सरकार ने ग्रामीण छात्रों के लिए शर्त थोड़ी नरम रखी है, क्योंकि गांवों में पढ़ाई की सुविधाएं शहरों जैसी नहीं होतीं।

BC-B वर्ग के लिए शर्त सबसे कड़ी है — शहरी छात्रों को 10वीं में 80 प्रतिशत अंक चाहिए। BC-A और BC-B के लिए 12वीं और स्नातक स्तर के अंक मानदंड अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देख लें

यहां एक कड़वी सच्चाई भी बता दें — अगर आपके अंक तय सीमा से एक-दो प्रतिशत भी कम हैं, तो आवेदन खारिज हो जाएगा। सिस्टम में कोई रियायत नहीं चलती। इसलिए पहले अपने अंक जांचो, फिर फॉर्म भरो।

पात्रता की बाकी शर्तें — इन्हें हल्के में मत लो

अंक के अलावा भी कुछ शर्तें हैं, जो उतनी ही ज़रूरी हैं।

हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। दूसरे राज्य का छात्र हरियाणा के कॉलेज में पढ़ रहा हो, तब भी ये योजना उसके लिए नहीं है। हरियाणा का डोमिसाइल सर्टिफिकेट चाहिए।

परिवार की सालाना आय 4 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। ये सीमा परिवार पहचान पत्र (PPP) में दर्ज आय से जांची जाती है। 4 लाख से एक रुपया भी ज़्यादा हुआ, तो पात्रता खत्म।

फैमिली आईडी (PPP) अनिवार्य है। बिना PPP के फॉर्म ही आगे नहीं बढ़ेगा। अगर PPP में नाम, जन्मतिथि या आधार नंबर में कोई गलती है, तो पहले उसे ठीक करवाओ — बाद में पछताने से अच्छा है।

मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ाई ज़रूरी है। सरकारी हो या प्राइवेट — संस्थान मान्यता प्राप्त होना चाहिए। फर्जी या बिना मान्यता वाले संस्थान के छात्र पात्र नहीं होंगे।

वर्ग की शर्त: योजना मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग-A, पिछड़ा वर्ग-B, विमुक्त जाति, घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और टपरीवास समुदायों के छात्रों के लिए है। सामान्य वर्ग के छात्रों के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देख लें।

एक और बात जो कम लोग जानते हैं — कुछ संस्थानों में पिछली कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त भी बताई जाती है। ये हर जगह सख्ती से लागू हो, ये पक्का नहीं है, लेकिन अपनी उपस्थिति ठीक रखना वैसे भी फायदेमंद है।

आवेदन कैसे करें — सरल पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप

अब सबसे काम की जानकारी — फॉर्म कैसे भरना है। पूरा आवेदन ऑनलाइन होता है, सरल पोर्टल पर। किसी दफ्तर के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं।

स्टेप 1: अपने फोन या कंप्यूटर पर saralharyana.gov.in खोलो। यही हरियाणा सरकार का असली सरल पोर्टल है।

स्टेप 2: अगर पहले से अकाउंट नहीं है, तो मोबाइल नंबर से नया रजिस्ट्रेशन करो। OTP आएगा, उसे डालकर लॉगिन करो।

स्टेप 3: लॉगिन के बाद सर्च बॉक्स में “Dr. Ambedkar Medhavi Chhatra Sanshodhit Yojana” लिखकर खोजो। योजना का नाम स्क्रीन पर आ जाएगा।

स्टेप 4: अपनी फैमिली आईडी (PPP) दर्ज करो। परिवार के सदस्यों की सूची में से अपना नाम चुनो। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा — उसे सत्यापित करो।

स्टेप 5: आवेदन फॉर्म खुलेगा। इसमें व्यक्तिगत जानकारी, पढ़ाई की जानकारी और बैंक खाते का ब्यौरा भरो। हर खाना ध्यान से भरो — गलती सुधारने में हफ्तों लग जाते हैं।

स्टेप 6: मांगे गए दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करो। फाइल JPEG या JPG फॉर्मेट में होनी चाहिए और आकार तय सीमा के अंदर होना चाहिए।

स्टेप 7: सारी जानकारी दोबारा जांचो, फिर फॉर्म सबमिट करो। सबमिट होते ही रसीद (acknowledgement) मिलेगी — इसे डाउनलोड करके या प्रिंट निकालकर संभाल कर रखो। यही आपके आवेदन का सबूत है।

फॉर्म भरने के बाद आवेदन आपके संस्थान और फिर विभाग के पास सत्यापन के लिए जाता है। सब कुछ सही रहा, तो छात्रवृत्ति की रकम सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगी।

आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

फॉर्म भरने से पहले ये सारे कागज़ तैयार रखो, ताकि बीच में अटको नहीं।

  • फैमिली आईडी (PPP)
  • आधार कार्ड
  • हरियाणा निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल)
  • जाति प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • 10वीं / 12वीं / स्नातक की मार्कशीट (जिसके आधार पर छात्रवृत्ति मांग रहे हो)
  • कॉलेज या संस्थान की फीस रसीद
  • दाखिला पर्ची या संस्थान का पहचान पत्र
  • बैंक पासबुक की कॉपी (खाता आधार से लिंक होना चाहिए)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • चालू मोबाइल नंबर

सबसे ज़रूरी सलाह — बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। पैसा DBT से आता है, और अगर खाता लिंक नहीं है, तो पैसा अटक जाता है। ये सबसे आम वजह है जिससे छात्रों का पैसा महीनों लटका रहता है।

यहां लोग सबसे ज़्यादा गलती करते हैं

गलत पोर्टल पर फॉर्म भरना। जैसा ऊपर बताया — अंबेडकर मेधावी योजना का फॉर्म सरल पोर्टल पर भरा जाता है, हर-छात्रवृत्ति पोर्टल पर नहीं। गलत जगह फॉर्म भरोगे, तो पैसा कभी नहीं आएगा।

PPP में आय ज़्यादा दर्ज होना। बहुत से परिवारों की PPP में आय पुरानी या गलत दर्ज होती है। 4 लाख से ऊपर आय दिखी, तो फॉर्म वहीं रुक जाएगा। आवेदन से पहले PPP की जानकारी ठीक करवा लो।

अंक शर्त पूरी किए बिना आवेदन। 10वीं में 68 प्रतिशत लाकर शहरी SC छात्र फॉर्म भर देता है, जबकि चाहिए 70 प्रतिशत। ऐसे आवेदन सीधे खारिज होते हैं। पहले टेबल देखो, फिर भरो।

जाति प्रमाण पत्र की गड़बड़ी। सर्टिफिकेट पर नाम की स्पेलिंग आधार या PPP से अलग हो, तो सत्यापन में दिक्कत आती है। तीनों जगह नाम एक जैसा होना चाहिए।

रसीद न संभालना। फॉर्म सबमिट करके रसीद डाउनलोड करना भूल जाते हैं। बाद में आवेदन की स्थिति पूछने जाओ, तो सबूत ही नहीं होता। रसीद संभाल कर रखो।

दलालों के चक्कर में पड़ना। कोई कहे कि “पैसे दो, स्कॉलरशिप पक्की करवा दूंगा” — तो समझ लो वो ठग है। ये योजना पूरी तरह ऑनलाइन और अंकों के आधार पर चलती है। इसमें कोई सिफारिश नहीं चलती।

सवाल-जवाब — जो छात्र सबसे ज़्यादा पूछते हैं

क्या प्राइवेट कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं?
हां, कर सकते हैं। शर्त सिर्फ इतनी है कि संस्थान मान्यता प्राप्त हो — सरकारी हो या प्राइवेट, इससे फर्क नहीं पड़ता।

10वीं में 69 प्रतिशत अंक आए हैं, क्या मैं पात्र हूं?
ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस वर्ग और इलाके से हो। अगर आप शहरी SC वर्ग से हो, तो 70 प्रतिशत चाहिए — 69 पर पात्रता नहीं बनेगी। ग्रामीण SC के लिए 60 प्रतिशत ही काफी है।

क्या हर साल नया आवेदन करना पड़ता है?
आमतौर पर छात्रवृत्ति पढ़ाई के हर चरण के लिए मांगी जाती है। अगर आप 11वीं में ले चुके हो और अब स्नातक में जाना है, तो नए सिरे से पात्रता बनेगी। ताज़ा नियम सरल पोर्टल पर देख लें।

पैसा कब तक खाते में आता है?
फॉर्म सबमिट होने के बाद संस्थान और विभाग स्तर पर सत्यापन होता है। सब कुछ सही रहा, तो रकम सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है। इसमें कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक का समय लग सकता है — धैर्य रखो और रसीद संभाल कर रखो।

क्या एक साथ दो छात्रवृत्तियां ले सकते हैं?
आमतौर पर एक ही तरह की दो सरकारी छात्रवृत्तियां एक साथ नहीं मिलतीं। अगर आप पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप ले रहे हो, तो अंबेडकर मेधावी योजना के नियम अलग से जांच लो। आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देख लें।

फॉर्म भरते समय गलती हो गई, अब क्या करें?
जल्द से जल्द सरल पोर्टल पर लॉगिन करके सुधार का विकल्प देखो। अगर विकल्प न मिले, तो अपने संस्थान के नोडल अधिकारी से संपर्क करो। देर मत करो — सत्यापन शुरू होने के बाद सुधार मुश्किल हो जाता है।

महत्वपूर्ण लिंक

  • सरल पोर्टल (ऑनलाइन आवेदन) — saralharyana.gov.in
  • परिवार पहचान पत्र (PPP) पोर्टल — meraparivar.haryana.gov.in
  • अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, हरियाणा — scbcharyana.com

आखिरी बात

डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए है जिन्होंने मेहनत से अंक तो कमा लिए, लेकिन पैसों की तंगी उनकी राह रोक रही है। 4,000 से 12,000 रुपये सालाना — ये रकम किसी की पूरी फीस तो नहीं भर सकती, लेकिन किताबों, फॉर्म फीस और रोज़ के खर्च का बोझ ज़रूर हल्का कर देती है।

सबसे पहला कदम — अपनी PPP ठीक करवाना और अंक जांचना। दोनों सही हैं, तो सरल पोर्टल पर फॉर्म भरने में आधा घंटा भी नहीं लगेगा। और हां, अगर तुम्हारे आस-पास कोई ऐसा छात्र है जो अच्छे अंक लाकर भी पैसों की वजह से पढ़ाई छोड़ने की सोच रहा है, तो ये जानकारी उस तक ज़रूर पहुंचा दो। सही समय पर मिली सही जानकारी किसी का भविष्य बदल सकती है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *