दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAYALU) — पूरी जानकारी
किसी भी परिवार में अगर कमाने वाला सदस्य अचानक चला जाए या किसी हादसे में हमेशा के लिए दिव्यांग हो जाए, तो पूरा घर आर्थिक और भावनात्मक रूप से टूट जाता है। ऐसे मुश्किल समय में परिवार को थोड़ी राहत देने के लिए हरियाणा सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना, जिसे ज़्यादातर लोग DAYALU योजना के नाम से जानते हैं, शुरू की है।
अगर आप हरियाणा से हैं और आपके परिवार में हाल ही में किसी की मृत्यु हुई है या कोई सदस्य दुर्घटना में स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया है, तो ये योजना आपके परिवार को आर्थिक सहारा दे सकती है। इस आर्टिकल में हम इस योजना को पूरी तरह से, आसान भाषा में समझेंगे — कितनी मदद मिलती है, कौन अप्लाई कर सकता है, क्या दस्तावेज़ चाहिए और आवेदन कैसे करें।
DAYALU योजना है क्या
DAYALU योजना को हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (Haryana Parivar Suraksha Nyas – HPSN) चलाता है, और ये पूरी तरह से परिवार पहचान पत्र (Family ID / PPP) डेटाबेस से जुड़ी हुई है। इस योजना का मकसद है कि जिन परिवारों की सालाना आमदनी कम है, अगर उनमें किसी की मृत्यु हो जाए या कोई स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाए, तो उन्हें सरकार की तरफ से सीधी आर्थिक मदद मिल सके।
ये योजना 1 अप्रैल 2023 से लागू है, और इससे पहले हुई मृत्यु या दिव्यांगता के लिए दावा (claim) स्वीकार नहीं किया जाता।
DAYALU योजना के दो हिस्से हैं:
- DAYALU-I: प्राकृतिक मृत्यु, दुर्घटना में मृत्यु, या दुर्घटना की वजह से हुई स्थायी दिव्यांगता को कवर करती है।
- DAYALU-II: आवारा पशुओं, जंगली जानवरों के हमले या कुत्ते के काटने से होने वाली मृत्यु, दिव्यांगता या चोट को कवर करती है।
दोनों के तहत मदद की राशि सीधे बैंक खाते में Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए भेजी जाती है।
कौन इस योजना के लिए योग्य है (पात्रता)
DAYALU योजना का फायदा लेने के लिए ये शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- आवेदक हरियाणा का निवासी हो
- परिवार की सालाना आय ₹1.80 लाख से कम हो (ये आय Family Information Data Repository – FIDR डेटाबेस से वेरिफाई की जाती है)
- लाभार्थी के पास वैध Family ID / परिवार पहचान पत्र (PPP) होना ज़रूरी है
- लाभार्थी की उम्र 6 साल से ज़्यादा और 60 साल तक होनी चाहिए
- मदद सिर्फ मृत्यु (प्राकृतिक या दुर्घटना में) या दुर्घटना की वजह से हुई स्थायी दिव्यांगता के मामलों में ही दी जाती है
मृत्यु के मामले में आवेदन परिवार के किसी योग्य रिश्तेदार द्वारा किया जा सकता है, जबकि दिव्यांगता के मामले में खुद लाभार्थी आवेदन करता है।
कितनी मिलती है आर्थिक मदद
इस योजना की खास बात ये है कि मदद की राशि एक जैसी नहीं है, बल्कि घटना के समय व्यक्ति की उम्र के हिसाब से तय होती है। सरकार की सोच ये है कि जो उम्र कमाने के लिहाज़ से सबसे अहम होती है, उसे सबसे ज़्यादा सुरक्षा मिले।
DAYALU-II (आवारा पशु/कुत्ते के हमले से जुड़े मामलों) के लिए उम्र के हिसाब से तय राशि कुछ इस तरह है:
| आयु वर्ग | सहायता राशि |
| 12 वर्ष तक | ₹1,00,000 |
| 12 से 18 वर्ष | ₹2,00,000 |
| 18 से 25 वर्ष | ₹3,00,000 |
| 25 से 40 वर्ष | ₹5,00,000 |
| 40 वर्ष से ऊपर | ₹2,00,000 |
DAYALU-I (सामान्य मृत्यु/दुर्घटना से जुड़े मामलों) में भी राशि उम्र के हिसाब से तय होती है, और इसमें सबसे ज़्यादा सहायता राशि ₹5 लाख उन मामलों में दी जाती है जहां घटना के समय व्यक्ति की उम्र 25 से 40 साल के बीच हो, यानी कमाने वाला मुख्य वर्ग।
एक ज़रूरी बात ये भी है कि अगर लाभार्थी को पहले से PMJJBY या PMSBY (केंद्र सरकार की बीमा योजनाएं) के तहत कोई मुआवज़ा मिल चुका है, तो DAYALU के तहत मिलने वाली राशि में उसका समायोजन (adjustment) किया जाता है।
आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
मामले के हिसाब से (मृत्यु या दिव्यांगता) दस्तावेज़ थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये चाहिए होते हैं:
मृत्यु के मामले में:
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
- अगर दुर्घटना/पशु के हमले से मृत्यु हुई हो तो FIR या DDR की कॉपी (जिसमें मृत्यु का कारण स्पष्ट हो)
- परिवार पहचान पत्र (Family ID/PPP)
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (PPP से लिंक या आधार से लिंक)
स्थायी दिव्यांगता के मामले में:
- मेडिकल अथॉरिटी से जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- अस्पताल की डिस्चार्ज समरी
- FIR/DDR की कॉपी (जिसमें दुर्घटना का कारण स्पष्ट हो)
- Family ID/PPP और आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
DAYALU योजना का दावा (claim) पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए ही दाखिल किया जाता है। प्रक्रिया कुछ इस तरह है:
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल dapsy.finhry.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2: अपनी Family ID (PPP नंबर) डालकर लॉगिन/रजिस्टर करें।
स्टेप 3: DAYALU-I या DAYALU-II में से सही स्कीम चुनें, जो आपके मामले पर लागू हो।
स्टेप 4: मृत्यु या दिव्यांगता से जुड़ी सारी जानकारी फॉर्म में भरें।
स्टेप 5: ऊपर बताए गए ज़रूरी दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें।
स्टेप 6: फॉर्म सबमिट करें और आवेदन की रसीद (acknowledgment) संभालकर रखें।
स्टेप 7: विभाग द्वारा वेरिफिकेशन के बाद, स्वीकृत राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
DAYALU-II के तहत आने वाले मामलों (आवारा पशु/कुत्ते के हमले) के लिए दावा Jan Sahayak मोबाइल ऐप के ज़रिए भी दाखिल किया जा सकता है, जो उन लोगों के लिए आसान है जिनके पास कंप्यूटर या लैपटॉप की सुविधा नहीं है।
आवेदन की समय सीमा
ये बहुत ज़रूरी बात है — दावा मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की तारीख से 3 महीने के अंदर दाखिल करना होता है। अगर तय समय के अंदर आवेदन नहीं किया गया, तो दावा स्वीकार नहीं किया जाता। इसलिए घटना होने के तुरंत बाद, दस्तावेज़ इकट्ठा करके जल्द से जल्द आवेदन कर देना चाहिए।
ध्यान रखने वाली बातें
- आवेदन के लिए Family ID (PPP) का होना अनिवार्य है, अगर आपके पास नहीं है तो पहले वो बनवा लें
- आय का सत्यापन FIDR डेटाबेस से खुद-ब-खुद होता है, इसलिए अपने Family ID में सही आय दर्ज होना ज़रूरी है
- सिर्फ आधिकारिक पोर्टल के ज़रिए ही आवेदन करें, किसी एजेंट या दलाल को पैसे न दें
- अगर दावा किसी वजह से रिजेक्ट हो जाए, तो पोर्टल पर स्टेटस चेक करके रिजेक्शन का कारण देखा जा सकता है
Important Links
| लिंक | URL |
| आधिकारिक पोर्टल (आवेदन/क्लेम के लिए) | https://dapsy.finhry.gov.in |
| हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (HPSN) | https://hpsn.finhry.gov.in |
| MyScheme सरकारी पोर्टल (DAYALU) | https://www.myscheme.gov.in/schemes/dayalu |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: क्या ये योजना सिर्फ मृत्यु के मामलों के लिए है?
नहीं, इसमें मृत्यु के साथ-साथ दुर्घटना से हुई स्थायी दिव्यांगता के मामले भी कवर होते हैं।
सवाल 2: DAYALU-I और DAYALU-II में क्या फर्क है?
DAYALU-I सामान्य मृत्यु और दुर्घटना से जुड़े मामलों के लिए है, जबकि DAYALU-II खासतौर पर आवारा पशुओं, जंगली जानवरों या कुत्ते के काटने से हुए मामलों के लिए है।
सवाल 3: अगर परिवार की आय ₹1.80 लाख से ज़्यादा हो तो क्या फायदा मिलेगा?
नहीं, इस योजना का फायदा सिर्फ उन परिवारों को मिलता है जिनकी सालाना आय ₹1.80 लाख से कम हो।
सवाल 4: पैसा मिलने में कितना समय लगता है?
ये दस्तावेज़ों के सही होने और विभाग की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर पर आवेदन सही होने पर राशि DBT के ज़रिए ट्रांसफर कर दी जाती है।
स्रोत (Sources)
- Haryana Parivar Suraksha Nyas (HPSN) – आधिकारिक विभागीय वेबसाइट (hpsn.finhry.gov.in)
- DAPSY आधिकारिक पोर्टल (dapsy.finhry.gov.in)
- MyScheme.gov.in – भारत सरकार का आधिकारिक स्कीम पोर्टल

