हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना के तहत पैक्स में कर्ज निपटान कराता किसान
हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2026 — पैक्स कर्ज की मूल राशि जमा करने पर पूरा ब्याज माफ, 31 मार्च 2026 तक का समय।

Haryana Ekmusht Niptan Yojana 2026: ₹2,266 Crore Interest Waiver for 6.81 Lakh PACS Farmers — Check Eligibility

सबसे पहले एक गलतफहमी दूर कर लेते हैं — हरियाणा की एकमुश्त निपटान योजना में सरकार आपका पूरा कर्ज माफ नहीं कर रही है। जो माफ हो रहा है, वो है कर्ज पर लगा पूरा ब्याज और जुर्माना — और इसके लिए आपको कर्ज की मूल राशि खुद अपनी पैक्स में जमा करनी होगी। जो किसान ये एक शर्त पूरी कर देगा, उसका सालों से बढ़ता ब्याज एक झटके में शून्य हो जाएगा।

10 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस योजना की घोषणा की। आंकड़े वाकई बड़े हैं — राज्य के 6,81,182 किसानों और मजदूरों का 2,266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया जाएगा। योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। लेकिन याद रखिए, फायदा सिर्फ उन्हें मिलेगा जो समय रहते अपनी प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) में मूल राशि जमा करा देंगे।

एक नज़र में — एकमुश्त निपटान योजना 2026

योजना का नाम एकमुश्त निपटान योजना (One-Time Settlement), हरियाणा
घोषणा 10 दिसंबर 2025 — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, चंडीगढ़
लागू अवधि 31 मार्च 2026 तक
लाभार्थी 6,81,182 किसान व गरीब मजदूर
ब्याज माफी की राशि ₹2,266 करोड़
मुख्य शर्त कर्ज की मूल राशि पैक्स के खाते में जमा करनी होगी
कर्ज का दायरा पैक्स से लिया कर्ज जो 30 सितंबर 2024 तक अतिदेय हो चुका हो
आवेदन प्रक्रिया कोई फॉर्म नहीं — पैक्स के जरिए स्वतः निपटान
नोडल विभाग कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा

किन कर्जों पर मिलेगा इस योजना का लाभ

ये योजना हर तरह के कर्ज पर लागू नहीं होती। सरकार ने साफ किया है कि लाभ सिर्फ प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) से लिए गए कर्ज पर मिलेगा — और वो भी सिर्फ उन कर्जों पर जो 30 सितंबर 2024 तक अतिदेय (overdue) हो चुके थे।

कर्ज का प्रकार विवरण
फसली ऋण खेती-बाड़ी के लिए पैक्स से लिया गया फसल कर्ज
काश्तकार ऋण काश्तकारी/खेती से जुड़ा लिया गया ऋण
दुकानदारी ऋण पैक्स से दुकान या छोटे कारोबार के लिए लिया गया कर्ज

💡 ध्यान दें: बैंक, जिला सहकारी बैंक या अन्य वित्तीय संस्था से लिया गया कर्ज इस योजना के दायरे में नहीं आता। सिर्फ पैक्स के कर्जदार किसान ही पात्र हैं। अगर आपको संदेह है कि आपका कर्ज पैक्स का है या नहीं, तो अपनी समिति में जाकर जरूर पूछ लें।

मिथक बनाम सच्चाई — पहले भ्रम तोड़ लो

❌ मिथक (गलतफहमी) ✅ सच्चाई
सरकार पूरा कर्ज माफ कर देगी, कुछ जमा नहीं करना सिर्फ ब्याज और जुर्माना माफ होगा। कर्ज की मूल राशि आपको ही जमा करनी होगी — तभी ब्याज शून्य होगा।
लाभ के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा कोई आवेदन नहीं करना है। पैक्स के जरिए निपटान स्वतः होगा — बस मूल राशि जमा कराएं।
बैंक से लिया कर्ज भी इसमें माफ हो जाएगा योजना सिर्फ पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) के कर्ज पर लागू है, बैंक के कर्ज पर नहीं।
कर्ज निपटाने के बाद नया कर्ज नहीं मिलेगा उल्टा है — निपटान के एक महीने बाद अगली फसल के लिए तीन किस्तों में नया कर्ज भी ले सकते हैं।
जिस किसान की मृत्यु हो गई, उसके परिवार को लाभ नहीं 2.25 लाख मृत किसानों के परिवार भी पात्र हैं — वारिस मूल राशि जमा करें तो करीब ₹900 करोड़ की ब्याज माफी उन्हें मिलेगी।

लाभ कैसे मिलेगा — कोई फॉर्म नहीं, सिर्फ 4 कदम

इस योजना की सबसे अच्छी बात यही है कि इसमें कागजी भागदौड़ शून्य है। न कोई ऑनलाइन पोर्टल, न लंबी लाइन, न दलाल। प्रक्रिया इतनी सीधी है:

1अपनी पैक्स जाएं: सबसे पहले अपनी प्राथमिक कृषि ऋण समिति में जाकर अपने कर्ज की बकाया मूल राशि की सही जानकारी लें। हिसाब-किताब वहीं से साफ होगा।

2मूल राशि जमा करें: 31 मार्च 2026 से पहले कर्ज की मूल राशि समिति के खाते में जमा करा दें। यही योजना की एकमात्र और सबसे जरूरी शर्त है।

3ब्याज स्वतः माफ: मूल राशि जमा होते ही पैक्स आपके ऋण का निपटान पूरा करेगी और बकाया पूरा ब्याज व जुर्माना सरकार माफ कर देगी। आपको अलग से कुछ नहीं करना।

4नया कर्ज लें: निपटान के एक महीने बाद आप अगली फसल की जरूरत के हिसाब से तीन किस्तों में नया फसली कर्ज भी ले सकते हैं — खेती बिना रुकावट जारी रहेगी।

किसे मिलेगा लाभ, किसे नहीं — साफ-साफ समझो

✅ लाभ मिलेगा, अगर —

✅ आप हरियाणा के स्थायी निवासी किसान हों

✅ आपने पैक्स से फसली, काश्तकार या दुकानदारी कर्ज लिया हो जो 30 सितंबर 2024 तक अतिदेय हो चुका हो

✅ आप कर्ज की मूल राशि जमा करने को तैयार हों

✅ आप मृत किसान के वारिस/परिवार के सदस्य हों (लागू शर्तों के साथ)

✗ लाभ नहीं मिलेगा, अगर —

✗ कर्ज बैंक या पैक्स के अलावा किसी अन्य संस्था से लिया गया हो

✗ कर्ज 30 सितंबर 2024 के बाद अतिदेय हुआ हो

✗ आप हरियाणा के स्थायी निवासी न हों

2.25 लाख मृत किसानों के परिवारों के लिए बड़ी राहत

इस योजना का एक मानवीय पहलू अक्सर सुर्खियों में दब जाता है। जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी है और कर्ज का बोझ उनके परिवार पर आ गया था, उनके लिए भी सरकार ने दरवाजा खोला है।

🌾 परिवारों के लिए प्रावधान:

✅ करीब 2.25 लाख मृत किसानों के परिवार योजना के पात्र हैं

✅ वारिस अगर मृत किसान के कर्ज की मूल राशि पैक्स में जमा करा दें, तो पूरा ब्याज माफ

✅ इन परिवारों के लिए करीब ₹900 करोड़ की ब्याज माफी का प्रावधान रखा गया है

जिन घरों में कमाने वाला नहीं रहा और ऊपर से कर्ज का ब्याज बढ़ता जा रहा था, उनके लिए ये प्रावधान असली राहत है — एक बार मूल राशि जमा हुई, पुराना हिसाब पूरी तरह साफ।

4 गलतियां जो आपको लाभ से दूर कर सकती हैं

⚠️ गलती 1 — आखिरी तारीख का इंतजार करना: योजना 31 मार्च 2026 को बंद हो जाएगी। आखिरी हफ्ते में पैक्स में भीड़ और बैंकिंग देरी हो सकती है — मूल राशि पहले ही जमा करा दें।

⚠️ गलती 2 — “सरकार खुद काट लेगी” समझना: ब्याज माफी तभी मिलेगी जब आप मूल राशि खुद जमा करेंगे। बिना मूल राशि जमा किए कोई माफी नहीं।

⚠️ गलती 3 — पैक्स से संपर्क न करना: आपका पूरा हिसाब-किताब — मूल राशि कितनी, ब्याज कितना — पैक्स में ही तय होगा। बिना वहां जाए सही रकम पता नहीं चलेगी।

⚠️ गलती 4 — अफवाहों पर भरोसा: “पूरा कर्ज माफ हो रहा है” जैसी बातों में आकर मूल राशि न चुकाना सबसे बड़ी भूल होगी। माफ सिर्फ ब्याज और जुर्माना हो रहा है।

साथ में रखें ये दस्तावेज़

वैसे तो कोई औपचारिक आवेदन नहीं है, लेकिन पैक्स में हिसाब मिलाने और पहचान के लिए ये कागजात साथ रखें:

क्रम दस्तावेज़ क्यों चाहिए
1 कर्ज संबंधी दस्तावेज़ पैक्स से लिए कर्ज का रिकॉर्ड मिलान
2 आधार कार्ड पहचान सत्यापन
3 मोबाइल नंबर संपर्क व सूचना के लिए

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या इस योजना के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा?

उत्तर: नहीं। कोई अलग आवेदन नहीं करना है। पात्र किसानों की पहचान उनकी पैक्स के जरिए स्वतः होती है — बस मूल राशि जमा करानी है।

प्रश्न: क्या ब्याज के साथ जुर्माना (पेनल्टी) भी माफ होगा?

उत्तर: हां। मूल राशि जमा करने पर बकाया पूरा ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा।

प्रश्न: कर्ज निपटाने के बाद नया फसली कर्ज कब मिलेगा?

उत्तर: निपटान के एक महीने बाद आप अगली फसल की जरूरत के हिसाब से तीन किस्तों में नया कर्ज ले सकते हैं।

प्रश्न: क्या दूसरे राज्यों के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

उत्तर: नहीं। ये योजना सिर्फ हरियाणा के स्थायी निवासी किसानों के लिए है।

प्रश्न: पैक्स का कुल बकाया कर्ज कितना है?

उत्तर: मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पैक्स का कुल बकाया कर्ज करीब ₹3,400 करोड़ है, जिसमें से ₹2,266 करोड़ का ब्याज इस योजना में माफ होगा।

प्रश्न: मृत किसान के परिवार को लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर: किसान के वारिस अगर कर्ज की मूल राशि पैक्स में जमा करा दें, तो उन पर लगा पूरा ब्याज माफ कर दिया जाएगा।

एकमुश्त निपटान योजना उन किसानों के लिए सुनहरा मौका है जिनका पैक्स का कर्ज ब्याज के बोझ तले दबा हुआ है। मूल राशि चुकाओ, ब्याज शून्य पाओ — इतना सीधा सौदा शायद ही दोबारा मिले। लेकिन मौका सिर्फ 31 मार्च 2026 तक है। अगर आप पात्र हैं तो अपनी पैक्स से आज ही संपर्क करें, बकाया मूल राशि की सही जानकारी लें और समय रहते जमा करा दें।

आधिकारिक जानकारी के लिए: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा — agriharyana.gov.in | हेल्पलाइन: 0172-2571544 | इस योजना की विस्तृत जानकारी आप यहां भी पढ़ सकते हैं: | नियमों में बदलाव संभव है, इसलिए आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देख लें।

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