2026 अपडेट
नौकरी से निकाले जाने के नियम 21 नवंबर 2025 के बाद बदल चà¥à¤•े हैं। उस तारीख से देश के चारों नठशà¥à¤°à¤® संहिता लागू हो गठहैं, और मई 2026 में केंदà¥à¤° सरकार ने इनके नियम à¤à¥€ जारी कर दिठहैं। हाल ही में बिना सूचना हटाठगठलोगों पर अब नया कानून लागू होगा — धाराओं के नाम बदले हैं, करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ अधिकार पहले जैसे मज़बूत हैं।
सबसे पहले à¤à¤• कड़वी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ, फिर अचà¥à¤›à¥€ खबर। कड़वी सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ यह है कि मालिक को आपको नौकरी से हटाने का हक है — कानून किसी को ज़बरदसà¥à¤¤à¥€ नौकरी पर नहीं रखवा सकता। लेकिन अचà¥à¤›à¥€ खबर यह है कि यह हक बिना शरà¥à¤¤ नहीं है — सूचना देनी होगी, मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ देना होगा, पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अपनानी होगी। जिस मालिक ने आपको बà¥à¤²à¤¾à¤•र “कल से मत आना” कह दिया, उसने लगà¤à¤— निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कानून तोड़ा है। नीचे सीधे काम की बात है — कौन इस कानून के दायरे में आता है, कितनी सेवा पर कितनी सूचना का हक है, मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¥‡ का हिसाब, और निकाले जाने पर पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के 7 कदम।
पहले खà¥à¤¦ से 3 सवाल पूछिठ— कानून आप पर लागू होता है या नहीं
आगे बढ़ने से पहले यह जांच ज़रूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गलत कानून के तहत शिकायत करने पर समय बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ होता है।
सवाल 1 — आप काम किस तरह की जगह करते थे?
अगर आप दà¥à¤•ान, कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, होटल, शोरूम जैसे वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान में थे, तो हरियाणा दà¥à¤•ान अधिनियम, 1958 लागू होता है; फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥€, खान, बागान में थे, तो औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक संबंध संहिता, 2020 का रासà¥à¤¤à¤¾ है।
सवाल 2 — कितने समय से काम कर रहे थे?
3 महीने से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवा पर 1 महीने की सूचना (या बदले में वेतन) का हक है; 240 दिन (लगà¤à¤— 1 साल) से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पर छंटनी-मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼ जाता है। 3 महीने से कम सेवा पर यह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ नहीं मिलती।
सवाल 3 — आपका काम किस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का था?
यह कानून कामगार/करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ (कà¥à¤¶à¤², अकà¥à¤¶à¤², लिपिक, तकनीकी काम) की रकà¥à¤·à¤¾ करता है। मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पà¥à¤°à¤¬à¤‚धकीय निरà¥à¤£à¤¯ लेने वाले ऊंचे पदों के लोग “वरà¥à¤•मैन” की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ से बाहर हो सकते हैं — उनके लिठनियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पतà¥à¤° की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ ही मà¥à¤–à¥à¤¯ आधार होती हैं।
दो कानून, दो रासà¥à¤¤à¥‡ — आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के हिसाब से चà¥à¤¨à¤¿à¤
हरियाणा के ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° निजी करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मामले इन दो में से किसी à¤à¤• रासà¥à¤¤à¥‡ पर चलते हैं। तालिका में दोनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ देखिà¤:
| बिंदॠ| दà¥à¤•ान अधिनियम, 1958 (धारा 22) | छंटनी कानून (धारा 25F / नई संहिता) |
|---|---|---|
| किस पर लागू | दà¥à¤•ान, कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, होटल, गोदाम, शोरूम आदि | फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥€, खान, बागान — औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान |
| नà¥à¤¯à¥‚नतम सेवा | 3 महीने लगातार नौकरी | 240 दिन (लगà¤à¤— 1 साल) लगातार सेवा |
| सूचना का हक | 1 महीने की पहले से सूचना, या उसके बदले 1 महीने का वेतन | 1 महीने की लिखित सूचना (कारण सहित), या उसके बदले वेतन |
| मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ | बिना उचित कारण हटाने पर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 2 महीने के वेतन के बराबर मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ दिला सकता है | हर पूरे साल (या 6 महीने से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ के हिसà¥à¤¸à¥‡) पर 15 दिन के औसत वेतन के बराबर छंटनी मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ + सरकार को सूचना |
| दावा करने की समय सीमा | 6 महीने के à¤à¥€à¤¤à¤° दावा करना ज़रूरी | जितनी जलà¥à¤¦à¥€ विवाद उठाà¤à¤‚, उतना बेहतर — देरी कमज़ोरी बनती है |
| अपवाद | रिकॉरà¥à¤¡ पर साबित दà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤° पर हटाने पर सूचना ज़रूरी नहीं | अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ के रूप में दंड पर यह धारा लागू नहीं |
âš ï¸ à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें: “दà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤°” का आरोप लगाना आसान है, साबित करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल। मालिक “काम में गड़बड़ी थी” कहे, तो उसे यह रिकॉरà¥à¤¡ पर साबित करना होगा — बिना जांच-सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ का आरोप कानून की नज़र में दà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤° नहीं है।
नठशà¥à¤°à¤® संहिता में कà¥à¤¯à¤¾ बदला — 2026 की तसà¥à¤µà¥€à¤°
औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक संबंध संहिता, 2020 (21 नवंबर 2025 से लागू) ने तीन पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ कानूनों को à¤à¤• में समेट दिया है। करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ के लिहाज़ से तीन बदलाव अहम हैं:
पहला — 300 करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाली नई सीमा। पहले 100+ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाले पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान को छंटनी से पहले सरकार की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ चाहिठथी; नई संहिता में यह सीमा 300 हो गई है। यानी छोटे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ानों को अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं चाहिठ— लेकिन सूचना और मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¥‡ की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ अब à¤à¥€ लागू हैं। अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ खतà¥à¤® हà¥à¤ˆ है, मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ नहीं।
दूसरा — सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ आदेशों का दायरा। 300 या उससे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाले पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ानों में सेवा-शरà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ आदेश बनाने होंगे, जिनमें हटाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ लिखी होगी — मालिक को उसी का पालन करना होगा।
तीसरा — राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के नियम अà¤à¥€ बन रहे हैं। शà¥à¤°à¤® समवरà¥à¤¤à¥€ सूची का विषय है, इसलिठकेंदà¥à¤° के नियमों (मई 2026 में जारी) के साथ हर राजà¥à¤¯ अपने नियम बना रहा है — केंदà¥à¤° ने 31 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 2026 तक की समय सीमा दी है। यानी कà¥à¤› जगह अà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हिसà¥à¤¸à¥‡ चल रहे हैं — हरियाणा में अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सहायक शà¥à¤°à¤® आयà¥à¤•à¥à¤¤ कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से ज़रूर सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर लें।
5 गलतफहमियां जो मालिकों के काम आती हैं
| ⌠लोग कà¥à¤¯à¤¾ मान लेते हैं | ✅ कानून की असलियत |
|---|---|
| “कंपनी पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ है, जब चाहे निकाल सकती है।” | पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ होना छूट नहीं देता — सूचना और मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¥‡ की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ हर नियोकà¥à¤¤à¤¾ पर लागू हैं। |
| “नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पतà¥à¤° में ‘कà¤à¥€ à¤à¥€ हटाया जा सकता है’ लिखा था।” | अनà¥à¤¬à¤‚ध कानून से कम सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ नहीं दे सकता — कानून से नीचे की शरà¥à¤¤ अवैध मानी जाà¤à¤—ी। |
| “मà¥à¤‚ह से कह दिया, वही सूचना है।” | कानून लिखित सूचना मांगता है — मà¥à¤‚ह-ज़बानी “कल से मत आना” सूचना नहीं है। |
| “इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दिलवा लिया, तो मामला खतà¥à¤®à¥¤” | दबाव में दिलवाया गया इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ सà¥à¤µà¥ˆà¤šà¥à¤›à¤¿à¤• नहीं माना जाता — धमकी साबित हो तो यह à¤à¥€ अवैध समापà¥à¤¤à¤¿ हो सकती है। |
| “ठेके पर था, तो कोई हक नहीं।” | ठेका करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¥‡ के हक से पूरी तरह बाहर नहीं होता — ठेके की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ और काम की असलियत दोनों देखी जाती हैं। |
निकाले जाने के बाद पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के 7 कदम
घबराहट में लोग पहले मालिक से à¤à¤—ड़ते हैं, सबूत संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ आखिर में याद आता है — कà¥à¤°à¤® उलà¥à¤Ÿà¤¾ रखिà¤:
मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¥‡ का हिसाब — à¤à¤• उदाहरण से समà¤à¤¿à¤
à¤à¤• उदाहरण से समà¤à¤¿à¤ — कोई करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ में 4 साल 8 महीने से था, औसत मासिक वेतन 18,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡, और उसे बिना सूचना हटा दिया गया:
①सूचना के बदले वेतन: 1 महीने का वेतन = 18,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡
â‘¡ छंटनी मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾: 4 साल 8 महीने में 6 महीने से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का हिसà¥à¤¸à¤¾ (8 महीने) à¤à¥€ पूरा साल गिना जाता है = 5 साल × 15 दिन का वेतन। 15 दिन का वेतन = 9,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡à¥¤ 5 × 9,000 = 45,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡
कà¥à¤² नà¥à¤¯à¥‚नतम हक = 63,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ — और यह सिरà¥à¤« कानूनी नà¥à¤¯à¥‚नतम है; नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ हालात देखकर इससे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ राहत à¤à¥€ दे सकता है।
दà¥à¤•ान अधिनियम के मामले में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• मजिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ बिना उचित कारण हटाने पर 2 महीने के वेतन के बराबर अतिरिकà¥à¤¤ मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ à¤à¥€ दिला सकता है।
5 गलतियां जो हक को कमज़ोर कर देती हैं
पहली — गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ में à¤à¤—ड़ना। इससे पकà¥à¤· कमज़ोर होता है — हर बात लिखित में कहिà¤, मà¥à¤‚ह-ज़बानी नहीं।
दूसरी — महीनों इंतज़ार करना। दà¥à¤•ान अधिनियम में दावे की 6 महीने की सीमा है — समय निकल गया तो दरवाज़ा बंद।
तीसरी — कागज़ संà¤à¤¾à¤²à¤•र न रखना। वेतन परà¥à¤šà¥€, नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पतà¥à¤°, हाजिरी रिकॉरà¥à¤¡ — बिना सबूत शिकायत आधी रह जाती है।
चौथी — बिना पढ़े “अंतिम à¤à¥à¤—तान” पर दसà¥à¤¤à¤–त। छोटे अकà¥à¤·à¤°à¥‹à¤‚ में “à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में कोई दावा नहीं” लिखा हो सकता है — पहले पढ़िà¤, फिर दसà¥à¤¤à¤–त।
पांचवीं — “वकील महंगा होगा” सोचकर चà¥à¤ª रहना। शà¥à¤°à¤® विà¤à¤¾à¤— में शिकायत मà¥à¤«à¥à¤¤ है, और ज़िला विधिक सेवा पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•रण (DLSA) में मà¥à¤«à¥à¤¤ कानूनी सहायता मिलती है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 1 — मà¥à¤à¥‡ 2 महीने पहले ही नौकरी मिली थी, फिर निकाल दिया। कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ कोई हक है?
3 महीने से कम सेवा पर सूचना-सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ लागू नहीं होती, लेकिन काम किठदिनों का पूरा वेतन हर हाल में आपका हक है। नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पतà¥à¤° की शरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ à¤à¥€ देखिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 2 — मालिक ने कहा “काम में लापरवाही थी”, कà¥à¤¯à¤¾ यह दà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤° है?
सिरà¥à¤« कह देने से दà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤° साबित नहीं होता — वह रिकॉरà¥à¤¡ पर सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होना चाहिà¤: जांच हà¥à¤ˆ हो और आपको पकà¥à¤· रखने का मौका मिला हो। बिना पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का आरोप बहाना माना जा सकता है।
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 3 — कà¥à¤¯à¤¾ नया शà¥à¤°à¤® संहिता पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मामलों पर à¤à¥€ लागू होगा?
नया कानून आम तौर पर 21 नवंबर 2025 के बाद की घटनाओं पर लागू होता है; उससे पहले के मामले पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ कानून से चलेंगे। अपनी तारीख के हिसाब से शà¥à¤°à¤® कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर लें।
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 4 — शिकायत कहां करूं — पà¥à¤²à¤¿à¤¸ में या शà¥à¤°à¤® विà¤à¤¾à¤— में?
यह मामला शà¥à¤°à¤® विà¤à¤¾à¤— (सहायक शà¥à¤°à¤® आयà¥à¤•à¥à¤¤ / शà¥à¤°à¤® निरीकà¥à¤·à¤•) का है, पà¥à¤²à¤¿à¤¸ का नहीं — पà¥à¤²à¤¿à¤¸ तà¤à¥€, जब धमकी या मारपीट जैसा अपराध हà¥à¤† हो।
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 5 — कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ नौकरी वापस मिल सकती है?
संà¤à¤µ है — अवैध हटाने पर शà¥à¤°à¤® नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ बहाली के साथ बीच के समय का वेतन à¤à¥€ दिला सकता है। लेकिन कई मामलों में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ मà¥à¤†à¤µà¤œà¤¼à¤¾ दिलाकर निपटाता है; यह तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° है।
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 6 — मैं ठेकेदार के ज़रिठकाम करता था। कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ यह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलेगी?
ठेका शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों के लिठठेका शà¥à¤°à¤® कानून और नई वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ संहिता में अलग पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ हैं। ठेका पतà¥à¤° लेकर शà¥à¤°à¤® कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में पूछताछ ज़रूर करें।
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ 7 — शिकायत करने में कितना खरà¥à¤š आà¤à¤—ा?
शà¥à¤°à¤® विà¤à¤¾à¤— में शिकायत का कोई शà¥à¤²à¥à¤• नहीं है। शà¥à¤°à¤® नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के मामले में ज़िला विधिक सेवा पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•रण (DLSA) से मà¥à¤«à¥à¤¤ कानूनी सहायता मिल सकती है।
नोट: यह लेख सामानà¥à¤¯ कानूनी जानकारी के लिठहै — किसी की निजी कानूनी सलाह नहीं। नौकरी से हटाने के हर मामले के तथà¥à¤¯ अलग होते हैं, इसलिठकोई बड़ा कदम (जैसे नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ जाना या समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ सà¥à¤µà¥€à¤•ार करना) उठाने से पहले किसी अनà¥à¤à¤µà¥€ वकील या शà¥à¤°à¤® कानून जानकार से सलाह ज़रूर लें।